सोमवार, 16 सितंबर 2013

उतरता है क्रोध कमजोर की ओर ही

क्रोध कमजोर की ओर ही उतरता है  


क्रोध बुद्धि को खा जाता है और वह बुद्धि का पूर्ण रूप से अपहरण कर लेता है । क्रोध और वासना सबसे पहले प्रहार बुद्धि पर करती है । यह ध्यान देने की बात है कि जैसे पानी ऊपर की ओर नहीं चढ़ता तो ऐसे भी क्रोध भी ऊपर की ओर नहीं चढ़ता । पानी भी नीचे की ओर उतरता है और क्रोध भी नीचे की ओर ही उतरता है । क्रोध कमजोर की ओर ही उतरता है । क्रोध अपने से बड़े की ओर नहीं चढ़ सकता । जिस प्रकार पानी को चढ़ाने के लिए मशीन की आवश्यकता होती है , उसी प्रकार क्रोध को ऊपर चढ़ाने के लिए भी अत्यधिक बाह्य कारण की आवश्यकता पड़ती है ।

क्रोध में व्यक्ति अपने होश खो बैठता है । व्यक्ति का सम्पूर्ण होश चूक जाता है ओर वह बेहोशी का-सा कार्य करने लगता है । क्रोध की अवस्था में व्यक्ति दूसरों के साथ स्वयं अपने को भी भला -बुरा कहने लगता है । क्रोध से युक्त मस्त गीदड़ सिंह पर क्रोध करे तो सिंह पर क्या प्रभाव पड़ेगा ? निर्बल व्यक्ति यदि बहुत भारी पहलवान पर क्रोध करे तो क्या लाभ होगा ? क्रोध का कारण कुछ भी रहा हो , पर वह साधारण ही होता है ओर इसका प्रमाण यह है कि प्राय: क्रोध करने वाला व्यक्ति क्रोध शांत होने पर पश्चाताप से भरा हुवा या माफ़ी मांगता नजर आता है । अत: व्यर्थ में क्रोध न कर बुद्धि से काम लेना चाहिए ।

मदिरा के एक प्याले से शरीर की जितनी हानि पहुँचती है , उससे कहीं अधिक क्रोध के कारण होती है । किसी भी काम से चरित्र में इतनी कमजोरी नहीं आती , जितनी क्रोध के कारण आती है । क्रोध का पागलपन मानव को अँधा बना देता है । अपेक्षा जब उपेक्षा में बदलती है तो क्रोध आ जाता है । ऐसे समय आवश्यकता है आत्म-संयम ओर आत्म-नियंत्रण की । क्रोध के कारण मानव की शक्तियाँ समाप्त होने लगती हैं । मनुष्य अपनी कार्य-शक्ति और तर्क-शक्ति को खो बैठता है । स्मरण -शक्ति और धैर्य तक क्रोध के कारण लुप्त हो जाते हैं । क्रोध के विषय में कहा गया है _ ' नास्ति क्रोध समं पापं , नास्ति क्रोध समं रिपु: । क्रोधो मूलं अनर्थानाम , तस्मात क्रोधं विवर्जयेत ॥ '

हमें क्रोध न करके उसके साथ समझौता कर अपने आत्म-संयम और आत्म-निर्णय को सुदृढ़ करें । मन को क्रोध द्वारा दूषित न होने दें । छोटी-छोटी बातों पर नहीं भड़कना नहीं चाहिए । स्वयं सोचना और विचार करना चाहिए तथा साथ ही जड़ से क्रोध को उखाड़ फेंकने का प्रयास करना चाहिए । ########


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें